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Saturday, April 9, 2011

मैं हवा हूँ, कहाँ वतन मेरा...


मैं हवा हूँ, कहाँ वतन मेरा...


अब कहाँ हूँ, कहाँ नहीं हूँ मैं...
जिस जगह हूँ, वहाँ नहीं हूँ मैं...
कौन आवाज़ दे रहा है मुझे...?
कोई कह दे, यहाँ नहीं हूँ मैं...!


मैं हवा हूँ, कहाँ वतन मेरा...
दस्त-ए-में या ना, चमन मेरा

मय के हर चंद, एक ख्व़ा ना नशीं 
अंजुमन-अंजुमन सुखन मेरा...
दस्त-ए-में या ना, चमन मेरा
मैं हवा हूँ, कहाँ वतन मेरा...


बर्ग-ए-गुल पर, चराग सा क्या है...?
छू गया था उसे, दहन मेरा...
दस्त-ए-में या ना, चमन मेरा
मैं हवा हूँ, कहाँ वतन मेरा...


मय के टूटा हुआ सितारा हूँ...
क्या बिगाड़ेगी, अंजुमन मेरा...
दस्त-ए-में या ना, चमन मेरा
मैं हवा हूँ, कहाँ वतन मेरा...


हर घड़ी एक नया तकाज़ा है...
दर्द-ए-सर बन गया, बदन मेरा
दस्त-ए-में या ना, चमन मेरा
मैं हवा हूँ, कहाँ वतन मेरा...

3 comments:

  1. WOW.. thanks for getting these lyrics, thanks a lot

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  2. There are some mistakes in these lyrics. Correct lyrics is here.

    अब कहाँ हूँ कहाँ नहीं हूँ मैं
    जिस जगह हूँ वहाँ नहीं हूँ मैं
    कौन आवाज़ दे रहा है मुझे
    कोई कह दे यहाँ नहीं हूँ मैं

    मैं हवा हूँ कहाँ वतन मेरा
    दश्त मेरा ना ये चमन मेरा

    मैं के हर चंद एक ख्व़ानानशीं
    अंजुमन-अंजुमन सुख़न मेरा

    बर्ग-ए-गुल पर चराग़-सा क्या है
    छू गया था उसे दहन मेरा [दहन=होंठ]

    मैं के टूटा हुआ सितारा हूँ
    क्या बिगाड़ेगी अंजुमन मेरा

    हर घड़ी एक नया तकाज़ा है
    दर्द-ए-सर बन गया बदन मेरा

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