आलसी आदमी
आलसी आदमी (यदि आप इसे मोबाइल पर देख रहे हैं तो कृपया बेहतर परिणामों के लिए अपनी ब्राउज़र सेटिंग्स को डेस्कटॉप / कंप्यूटर मोड में बदलें।) एक गाँव में एक आलसी आदमी रहता था। वह कुछ काम-धाम नहीं करता था। बस दिन भर निठल्ला बैठकर सोचता रहता था कि किसी तरह कुछ खाने को मिल जाये और काम से आराम मिल जाए। ( इस प्रकार के आदमी आपको हर जगह, हर क्षेत्र, हर कंपनी, हर फैक्टरी, हर ऑर्गनाइजेशन आदि में मिल जाएंगे। जो निठल्ला बैठ कर सिर्फ और सिर्फ दूसरों की बुराई ही सोचते रहते हैं। दिखावा के लिए बताएंगे कि वो सबसे ज्यादा व्यस्त हैं, परन्तु वास्तविकता कुछ और ही होता है। ) चलिए छोड़िए... आगे की कहानी सुनते हैं। एक दिन वह यूं ही घूमते-घूमते आम के एक बाग़ में पहुँच गया। वहाँ रसीले आमों से लदे कई पेड़ थे। रसीले आम देख उसके मुँह में पानी आ गया और आम तोड़ने के लिए वह एक पेड़ पर चढ़ गया। लेकिन जैसे ही वह पेड़ पर चढ़ा, बाग़ का मालिक वहाँ आ पहुँचा। बाग़ के मालिक को देख आलसी आदमी डर गया और जैसे-तैसे पेड़ से उतरकर वहाँ से भाग खड़ा हुआ। भागते-भागते वह गाँव के बाहर स्थित जंगल में जा पहुँचा। ...