Posts

Showing posts with the label समुद्र

ताज़ी मछलियाँ

Image
ताज़ी  मछलियाँ (यदि आप इसे  मोबाइल  पर देख रहे हैं तो कृपया बेहतर परिणामों के लिए अपनी ब्राउज़र सेटिंग्स को  डेस्कटॉप / कंप्यूटर मोड  में बदलें।) मछलियाँ वर्षों से जापानियों की प्रिय खाद्य पदार्थ रही हैं। वे इसे अपने भोजन का एक अभिन्न अंग मानते हैं। ताज़ी मछलियों का स्वाद उन्हें बहुत पसंद हैं। लेकिन तटों पर मछलियों के अभाव के कारण मछुआरों को समुद्र के बीच जाकर मछलियाँ पकड़नी पड़ती है। शुरुवाती दिनों में जब मछुआरे मछलियाँ पकड़ने बीच समुद्र में जाते थे, तो वापस आते-आते बहुत देर हो जाती थी और मछलियाँ बासी हो जाती थी। यह उनके लिए एक बड़ी समस्या बन गई क्योंकि लोग बासी मछलियाँ ख़रीदने से कतराते थे। इस समस्या का निराकरण मछुआरों ने अपनी बोट में फ्रीज़र लगवाकर किया। वे मछलियाँ पकड़ने के बाद उन्हें फ्रीज़र में डाल देते थे। इससे मछलियाँ लंबे समय तक ताज़ी बनी रहती थी। लेकिन लोगों ने फ्रीज़र में रखी मछलियों का स्वाद पहचान लिया। वे ताज़ी मछलियों की तरह स्वादिष्ट नहीं लगती थी। लोग उन्हें ख़ास पसंद नहीं करते थे और ख़रीदना नहीं चाहते थे। मछुआरों के मध्य इस समस्या का हल निकालने के लिये फिर से ...

भावनाओं की लहर

Image
समुद्र के किनारे जब एक लहर आई तो एक बच्चे की चप्पल अपने साथ बहा ले गई, बच्चा रेत पर अंगुली से लिखता है - "समुद्र चोर है"। उसी समुद्र के एक दूसरे किनारे कुछ मछुआरे बहुत सारे मछली पकड़ रहे होते हैं। वह उसी रेत पर लिखता है - "समुद्र मेरा पालनहार है"। एक युवक समुद्र में डूब कर मर जाता है। उसकी मांँ रेत पर लिखती है - "समुद्र हत्यारा है"। एक दूसरे किनारे एक गरीब बूढ़ा टेढ़ी कमर लिए रेत पर टहल रहा था। उसे एक बड़े सीप में एक अनमोल मोती मिल गया वह रेत पर लिखता है - "समुद्र दानी है"। और अचानक एक बड़ी लहर आती है और रेत पर लिखे हुए सारी बातों को मिटा कर चली जाती है। लोग जो भी कहे समुद्र के बारे में, लेकिन विशाल समुद्र अपनी लहरों में मस्त रहता है।  अपने "उफान" और "शांति" वह अपने हिसाब से तय करता है। अगर विशाल समुद्र बनना है तो किसी के निर्णय पर अपना ध्यान ना दें। जो करना है अपने हिसाब से करें जो गुजर गया उसकी चिंता में ना रहे। हार जीत, खोना पाना, सुख-दुख, इन सबके चलते मन विचलित ना करें। अगर जीवन सुख शांति से ही भरा होता तो आदमी जन्म लेते स...