आत्मनिर्भरता
आत्मनिर्भरता (यदि आप इसे मोबाइल पर देख रहे हैं तो कृपया बेहतर परिणामों के लिए अपनी ब्राउज़र सेटिंग्स को डेस्कटॉप / कंप्यूटर मोड में बदलें।) कक्षा में गुरुजी आत्मनिर्भर होने/बनने का पाठ पढ़ा रहे थे। सभी बच्चे गुरुजी के बातों से सहमत भी थे। गुरुजी के हर बात को बच्चे बहुत ही ध्यान से सुन-समझ रहे थे। इसी बीच एक छात्र को लगा कि अगर आत्मनिर्भर पर आधारित कोई उदाहरण मिल जाए तो तथ्य को बढ़िया से समझा जा सकता है। उसने गुरुजी से कहा, "महाशय, कृपया उदाहरण के माध्यम से आत्मनिर्भर को समझाया जाय। समझने में आसानी होगी।" गुरुजी छात्र की बात को मानते हुए एक कहानी सुनाने का फैसला किया, और बच्चों को कहानी सुनान लगे। Amazon.in Widgets ===>> एक गाँव में एक किसान रहता था। उसका गाँव के बाहर एक छोटा सा खेत था। एक बार फसल बोने के कुछ दिनों बाद उसके खेत में चिड़िया ने घोंसला बना लिया। कुछ समय बीता, तो चिड़िया ने वहाँ दो अंडे भी दे दिए। उन अंडों में से दो छोटे-छोटे बच्चे निकल आये। वे बड़े मज़े से उस खेत में अपना जीवन गुजारने लगे। कुछ महीनों बाद फसल कटाई का समय आ गया। गाँ...